दिल्ली-मेरठ राजमार्ग पर हल्के वाहनों को निर्धारित गति सीमा में छूट मिल सकती है

एनएचएआई गति सीमा बढ़ाने के लिए दिल्ली पुलिस को चिट्‌ठी लिखने की योजना बना रही है


एक्सप्रेस वे पर गति सीमा 100 से 120 किमी. प्रति घंटा और राजमार्ग पर 50 से 70 किमी. प्रति घंटा होना चाहिए




नई दिल्ली.  दिल्ली-मेरठ राजमार्ग पर हल्के वाहनों के लिए निर्धारित गति सीमा में छूट मिल सकती है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) इसके लिए दिल्ली पुलिस को चिट्‌ठी लिखने जा रही है। मौजूदा समय में इस सड़क पर हल्के वाणिज्यिक वाहन अधिकतम 70 किमी. और मालवाहक वाहन 40 किमी  प्रति घंटा की रफ्तार से चलाए जा सकते हैं। 


 


सड़क का उपयोग करने वाले वाहन चालकों की यह शिकायत रहती है कि अक्सर दिल्ली पुलिस  ओवर स्पीड वॉयलेशन कैमरा का उपयोग कर तय सीमा से अधिक रफ्तार से गाड़ी चलाने के लिए उनका चालान कर देती है। नागरिकों से शिकायत मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने एनएचएआई को पत्र लिखकर राजमार्ग पर गति सीमा निर्धारित होने की सूचना देने वाले साइनबोर्ड लगाने का अनुरोध किया था। इतना ही नहीं पुलिस ने इसके बाद एनएचएआई को रिमाइंडर भी भेजा था।


 


जुर्माना बढ़ने के बाद लोगों को हो रही थी परेशानी


नए मोटर वाहन कानून के लागू होने के बाद ओवर स्पीडिंग के लिए जुर्माने की राशि 400 रुपए से बढ़कर 5,000 रुपए हो गई है। ऐसे में लोगों को अधिक परेशानी हो रही थी। जिस हिस्से पर स्पीड लिमिट निर्धारित है उसका लगभग 8 किलोमीटर हिस्सा 6 लेन वाले एक्सप्रेसवे और कुछ हिस्सा राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 6 पर स्थित है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार एक्सप्रेस वे पर गति सीमा 100 से 120 किमी. प्रति घंटा और राजमार्ग पर 50 से 70 किमी. प्रति घंटा होना चाहिए।


 


एक्सप्रेसवे निर्माण पर खर्च होंगे 8 हजार करोड़


मेरठ से दिल्ली को जोड़ने वाले 82 किमी. लंबे एक्सप्रेसवे के निर्माण में 8,346 करोड़ रुपए खर्च करने की योजना है। इस परियोजना से नेशनल कैपिटल रीजन(एनसीआर) में यातायात व्यस्तता और प्रदूषण स्तर कम होने की उम्मीद है। परियोजना को चार चरणों के तहत पूरा किया जा रहा है। सराय कला खान से गाजीपुर सीमा तक इसका निर्माण कार्य जून 2018 में ही पूरा किया जा चुका है। साथ ही गाजीपुर सीमा से उत्तरप्रदेश के डासना तक का निर्माण कार्य लगभग 60 प्रतिशत पूरा हो चुका है।